किनारा
By Harjinder Singh
कुछ लोगों का खुद का
कोई किनारा नहीं होता |
वह सारी उम्र कश्ती में ही
रह जाते हैं ,
चक्कर लगाते हुए
इधर से उधर,
उधर से इधर |
बेशक
वो लोगों के काम आते हैं
उनकी वजह से लोगों को किनारा मिलता है
उम्मीद मिलती है
पर उन्हें कोई याद नहीं रखता
किनारे पर लगते ही लोग आगे बढ़ जाते हैं
ऐसे लोगों का जिक्र कभी कोई नहीं करता
और एक खास बात कि इनकी उम्र लंबी होती है
और अक्सर एक वक्त के बाद इनकी संवेदना तक खत्म हो जाती है
पर इनका सफर
कभी नहीं
वो उनकी आखिरी सांस तक चलता है।
By Harjinder Singh

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