किताबें
By Vaishnavi Arun Sawant
अकेलेपन का दोस्त होती हैं किताबें।
खयालों की दरखास्त होती हैं किताबें।।
लिखने वाले के जज्बात होती हैं किताबें।
पढ़ने वाले के खयालात होती हैं किताबें।।
अनपढ़ के लिए एक अवसर होती हैं किताबें।
पढ़े लिखो के लिए ज्ञान का भवर होती हैं किताबें।।
सपनों का शामियाना होती हैं किताबें।
उनको पूरा करनेका आशियाना होती हैं किताबें।।
उम्मीद की इक डोर होती हैं किताबें।
उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए इक छोर होती हैं किताबें।।
By Vaishnavi Arun Sawant

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