कि मेरे साथ तुम कब तक हो
By Rani Dubey
कि मेरे साथ तुम कब तक हो?
मेरा रूप मेरी सुंदरता या मेरा यौवन है तब तक हो
कि मेरे साथ तुम कब तक हो?
यादों के तान बाने को क्या खूब चुना क्या खूब बुना
सर्दी की आधी रातों में जिन सपनों को आज़ाद किया
उस नाज़ुक ओस की बूंदों में मेरी सांस थमी है तब तक हो
कि मेरे साथ तुम कब तक हो?
कि मेरे साथ तुम कब तक हो????
By Rani Dubey

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