काश ! जिंदगी
By Vandita Kumari
काश ! ज़िन्दगी तू थोड़ी सी आसान होती
ज्यादा नहीं बस थोड़ी सी मेहरबान होती
किताबों में लिखी बातें थोड़ी सी यथार्थ होती
तब ज्यादा न सही थोड़ा मैं भी मुस्कुरा लेती।।
रहीम के दोहे सच हैं पर परियों की कहानी झूठी
ये बातें जरा हमें पहले से पता होती ||
नानी के कहानियों की थोड़ी तो झलक दिखा देती
मुखौटों में इतने चेहरे हैं काश बचपन में बता देती
काश ! ऐ ज़िन्दगी तू थोड़ी सी आसान होती।।
ज्यादा नहीं बस थोड़ी सी मेहरबान होती।।
By Vandita Kumari

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