कामिल
By Ishika Kachhwaha
थोड़ी आग तुम बनों, थोड़ा पानी मैं बनू,
थोड़ा चाँद तुम बनों, थोड़ी नूरानी मैं बनू
थोड़ा समुद्र तुम बनों, थोड़ी लहर मैं बनू
थोड़ा तूफ़ान तुम बनों, थोड़ा कहर मैं बनू
थोड़ी हवा तुम बनों, थोड़ा ठहराव मैं बनू
थोड़ा चढाव तुम बनों, थोड़ी ढलान मैं बनू
थोड़ा बादल तुम बनों, थोड़ी बारिश मैं बनू
थोड़ी बूँद तुम बनों, थोड़ी प्यास मैं बनू
थोड़ा शब्द तुम बनों, थोड़ी कहानी मैं बनू
थोड़ा शायर तुम बनों, थोड़ी नज़्म मैं बनू
थोड़ा आँसु तुम बनों, थोड़ी रूमाल मैं बनू
थोड़ी वजह तुम बनों, थोड़ी मुस्कान मैं बनू
थोड़ा नगीना तुम बनों, थोड़ी शान मैं बनू
थोड़ा सख्त तुम बनों, थोड़ी कांच मैं बनू
थोड़ी स्याही तुम बनों, थोड़ा इज़्हार मैं बनू
थोड़ा ज़ख्म तुम बनों, थोड़ा मरहम मैं बनू
थोड़ी कटार तुम बनों, थोड़ी म्यान मैं बनू
थोड़ा दिन तुम बनों, थोड़ी शाम मैं बनू
थोड़ी आवाज़ तुम बनों, थोड़ी गूँज मैं बनू।
थोड़ी मैं तुम बनों, थोड़ा तुम मैं बनू
थोड़ा हम हम बने,
हम कामिल हैं ।
By Ishika Kachhwaha

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