कहीं स्वर्ग है तो केवल उनके चरणों में
By Menka Gupta
माँ बाप से बढ़कर कोई नहीं किसी कोने में
कहीं स्वर्ग है तो केवल उनके चरणों में
बचपन से हाथ पकड़ कर
ज़िन्दगी की खुशिया वो दिखाते हैं
पर आज वही बच्चे उन्ही हाथों को पकड़ने से कतराते हैं
नहीं मिलेगा ऐसा साथ किसी से भी कभी जीवन में
कहीं स्वर्ग है तो केवल उनके चरणों में
छोटी छोटी बातों पर हमारी
वो हर दुःख में भी मुस्कुराते हैं
पर आज उनकी कुछ बातों पर
हम तरह तरह के चेहरे बनाते हैं
याद आएगा वो पल जब रखते थे अपना सर उनकी गोद में
कहीं स्वर्ग है तो केवल उनके चरणों में
दस बार पूछने पर भी
वो प्यार से समझाते हैं
आज एक ज़रा से मासूम सवाल पर उनके
हम चिल्लाकर गुस्सा दिखाते हैं
ये क़र्ज़ कभी न उतरेगा किसी भी जनम में
कहीं स्वर्ग है तो केवल उनके चरणों में
खुद के सपने भुला कर वो
हमारी खुशियों की परवाह करते हैं
हम खुद की ज़न्दगी में मशरूफ होकर
उन्ही से पर्दा रख लेते हैं
नहीं मिलेगा इतना प्यार किसी ओर के दिल में
कहीं स्वर्ग है तो केवल उनके चरणों में
माँ बाप से बढ़कर कोई नहीं किसी कोने में
कहीं स्वर्ग है तो केवल उनके चरणों में
By Menka Gupta

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