कहानी की मर्जी
By Harjinder Singh
जहां से मैं देख रहा हूं अब यहां से कहानी में सिर्फ दो संभावनाएं बचती हैं
या तो बहुत अच्छा होने की,
या बहुत बुरा होने की |
या तो ऐसा होगा कि किरदारों पर लगे सब दाग हमेशा के लिए धुल जाएंगे,
या फिर ताउम्र के लिए रह जाएगा सिर्फ अफसोस,
लड़ाई,
और शिकायतें
आगे क्या होना है इसका फैसला ना तो मैं ले सकता हूं ना किरदार
अब मर्जी सिर्फ कहानी की है
वह जिधर चाहे मुड़ जाए
By Harjinder Singh

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