कहानी
By Zarana Khamar
एक कहानी देखि ऐसी
राँझा और हीर के जैसी
वहां किसी ने अचानक पूछ लिया मुझसे
क्या कभी ऐसा हुआ है तुमसे
क्या ये नज़र किसी पे थम सी गयी
क्या किसी को देख के साँसे रुक सी गयी
क्या कभी तुम्हारा दिल धड़का है किसी और के नाम से
क्या कभी प्यार हुआ है आप से
उस वक़्त तो में चुप सी रही
बात बदल के वहां से चली भी गयी
फिर हुई रात सुहानी
खिली दुनिया सपनो की रूहानी
सपनेमें देखि सुन्दरसी परी
आंखें उसकी जादूगरी
कर रही थी किसी का इंतज़ार
जिससे करती थी वो ऐतबार
रोज याद में खत लिखा करती
पता उसका हवाओं से पूछा करती
पूछा करती अब कितना करना होगा इंतज़ार
आने वाली बारिश को सुन लेना पुकार
दिन जैसे बिते चार
मौसम ने कुछ बदला हाल
सूरज छुपने लगा बादलों में धीरे धीरे
मोर पपीहा नाचे बने अधीरे
हवाने मधुर संगीत सुनाया
परी की धड़कन का तार बजाया
जैसे जैसे बारिश की बुँदे बरसी
परी की आंखें दीदार को तरसी
सुन्दर सी ड्रेस पहन के
आँखों में थोड़ासा काजल लगा के
निकली वो ढूंढने अपना राजकुमार
जिस पल का था उसे बरसो से इंतज़ार
सूरज चंदा तारे सारे
बादल भी उसका नाम पुकारे
ढूंढने लगी यहाँ वहां
जंगल बस्ती समंदर न जाने कहाँ कहाँ
बहोत ढूँढा पर क्यों मिला नहीं
वादा तो किया था,फिर निभाया क्यों नहीं
थक हार कर बैठ गई होके खफा
सोच ने लगी वो कौनसी थी जगह, जहाँ वो दोनों मिला करते थे कई दफा
जैसे ही परी ने आंखें बंधकी
यादो के झरोखे खुल ने लगे
उस राजकुमार के निशाँ कही और नहीं
परी के दिल और ख्यालों में ही मिल ने लगे
अचानक सुनी आहट किसी की
परी के चेहरे पर छा गई मुस्कान
सफ़ेद घोड़े पे सवार हो कर
आ रहा था राजकुमार
परी के नज़दीक आते ही घोडा उसका रोक दिया
आंखें परी की देख कर राजकुमार का दिल भी खो गया
कुछ देर तक दोनों देखते ही रहे एक दूसरे की आँखों में
फिर निचे उतर कर राजकुमार ने परी से किया अपने प्यार का इज़हार
परी की तरफ अपना हाथ बढ़ाया ,पूछा "Will You Marry Me?"
पलके ज़रा सी ज़ुकी परी की
होठों पे आई हलकी सी मुस्कान
दिल के आज पुरे हुए सारे अरमान
धीरे से कहा परी ने ज़रा सा खफा हो कर
वादा करो नहीं जाओगे दोबारा मुझे यूँ छोड़ कर
ले जाओ इस बार मुझे तुम पकड़ के मेरा हाथ
ले चलो ऐसी दुनिया में जहाँ हो हम साथ साथ
यूँ कह कर अपना हाथ परी ने
आगे बढ़ाया देने राजकुमार के हाथो में हाथ
इससे पहले की उसका हाथ राजकुमार के हाथो के पास पहोच पाता
इससे पहले की राजकुमार का इज़हार कुबूल हो पाता
अचानक बिजली कड़क ने लगी
धरती सारी हिल ने लगी
एहसास हुआ आधी नींद मे ये क्या हो रहा है आखिर
सुबहा हो रही है और alarm की आवाज़ बजने लगी
offo , क्या होता अगर थोड़ी देर कहानी और चल जाती
सुबहा को भी इतनी क्या जल्दी थी , थोड़ा आज late ही आती
कमसे कम कहानी तो ख़त्म हो पाती
परी को हा केहनेका मौका तो दे जाती
हर रात मुझे यही कहानी सपने में आती
में कैसे किसी को कोई किस्सा सुनाती
जब हर रोज कहानी अधूरी ही रह जाती
By Zarana Khamar

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