कर्म की और अग्रसर
By Kanchan Tanwar
उठिये, जागिये
रोये नहीं
खड़े हो जाये
कुछ करे
असफलता से बिना डरे
कुछ काम करे
व्यर्थ ना करे जीवन
क्यूंकि जिंदगी दोबारा नहीं आएगी
जीवन को चलाते रहने के लिए ही करे
पर कुछ करे बैठे ना रहे, कुछ करे
जीवन को सार्थक बनाये
कुछ असाधारण करे, एक काम ना करे
तो दूसरा करे
क्या नहीं मालूम ?
एक सच्चा प्रयास ही जीत की नींव हैं
पथिक थक जाये तो दो कदम सुस्ता के
फिर चल देता हैं
उठे, चले कुछ करे
ज़िन्दगी को एक नाम
इज़्ज़त बख्शे
ये अनमोल हैं
फिर से नहीं आएगी हर बार आपके हिस्से
चले उठे, कुछ करे
जाग्रत हो जाये
हमेशा के लिए
By Kanchan Tanwar

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