कभी कभी जिंदगी
By Poonam Saroj
कभी कभी जिंदगी
कभी कभी जिंदगी यूं सज़ा देती है
सिल उठते हैं लफ़्ज़ सारे और
आंखें भी नम होती हैं ।
लेकिन आंसुओं से कहां कोई
कहानी बयां होती है।
कभी कभी जिंदगी यूं सज़ा देती है।
कि एक खामोशी हर जगह होती है
इतनी कि हजारों की भीड़ में तन्हाई
भी खुद तनहा ही होती है।
न जाने क्यों यह जिंदगी कुछ
यूं सज़ा देती है
दर्द भी खुद देती है और दवा भी
खुद ही बनती है।
हां यह जिंदगी कुछ यूं सज़ा देती है
कभी कम तो कभी ज्यादा देती है
मगर जब भी देती है तो एक
नया सबक हर वक्त देती है।
सच है कि कभी कभी जिंदगी कुछ यूं सज़ा देती है।।
By Poonam Saroj

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