कॉलेज के यार
By Sanat Raj
कि अब यार बिछड़ रहे,
अपने सफर में निकल रहे,
बस्ते सबके भारी हैं,
यादें उसमे इतनी प्यारी है,
मुड़ के जो देख लो इन्हें,
आंखों के सामने दौड़ते लम्हें,
हर के कहानी के अलग किरदार,
हजार लम्हें हसीन के दावेदार,
कहां फिक्र थी कल की,
हम तो जश्न में इस पल की,
अपनी छोटी सी दुनिया में सभी खोए,
साथ ही बैठे, साथ ही सोए,
कभी गाते, कभी नाचते,
कभी हस्ते, कभी रोते,
और सब में एक चीज थी खास ,
कि यारों की यारी थी पास,
हां माना हर सफर की एक मंजिल है,
पर इस मोड़ पर मायूस ये दिल है,
माना जिंदगी इसी का नाम है,
सभी को करना जो अपना काम है,
अगर इन लकीरों ने चाहा तो फिर मिलेंगे,
इन किस्सों को फिर से जी लेंगे,
अगर ना भी मिले हम कभी,
तो याद रखना ये सभी,
कि कहां ही ये कहानियां जायेंगी,
यहीं बातें तो हमेशा याद आयेंगी।
By Sanat Raj

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