एहतियात
By Ankita Pradeep
जो मेरे राह में कभी कोई मिले तो मैं उसे केहदूं,
ए दोस्त
जरा संभल कर चलना...
राह खराब है यह फिर भी ठीक है तुम तय कर लोगे
मगर राहगीर से संभालना...
कंकड़ पत्थर यूंही चोट नहीं देंगे, गिराने वाले कारण बनेंगे
ध्यान रखना....
संभलते संभलते कहीं पीछे न रह जाओ...
बस साफ दिल और नेक इरादा रखना,
चाहे कुछ हो जाए खुद को खुद से कभी न खोना...
By Ankita Pradeep

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