एक स्त्री (Ek Stree)
Updated: Sep 16, 2025
By Krishna Mahana
चाहे वो मां हो , पत्नी हो , या हो बेट्टी,
हर रिश्ता बहुत खूब निभा लेती II
हर बात बिना बोले ही वो समझ जाती,
जरूरत के हिसाब से खुद को बदल है लेती II
समझो थोड़ा उन्हें , चुप रहती है वो तब,
समझा नहीं पाती खुद को वो जब II
पूछो मत उन्हें क्या चाहिए तुम्हें,
दिल से बस इज्ज़त दे दो उन्हें II
सपनों के पर फैलाने दो कामयाबी छूने दो उन्हें,
नहीं होगा तुमसे बोलने से अच्छा कोशिश करने दो उन्हें II
थोड़ा प्यार ही चाहती है वो,
हां क्या हुआ ज्यादा बातें कर लेती तो II
यकीन मानो इनकी बातें इनकी चुपी से अच्छी होती है,
रूठ के बोलना छोड़ दे तो आवाज़ के लिए तरसा देती है II
By Krishna Mahana

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