एक मां का खत बेटी के नाम
Updated: Sep 16, 2025
By Anita Singh
मेरी लाड़ो तुम खुश रहो वो सब हासिल करो जिसकी तुम हकदार हो। तुम मेरी परछाई हो !! मैं चाहती हूं कि तुम मेरी परंपराओं को मानो सम्मान करो।लेकिन थोड़ा सुधार चाहूंगी !! मेरी तरह सिर्फ दिल से मत सोचना, खयाल रखना सबका लेकिन खुद को आखिरी हाशिए पर मत रखना,जिम्मेदारी निभाना परंतु सबके लिए अपने सपनों को मरने मत देना। और हां एक बात कहनी है तुमसे !! मैं जब तक जिंदा हूं हमेशा मेरा तुम पर और तुम्हारा मुझपर हक रहेगा।तुम पराई हो मैं नहीं मानती !! मेरे शरीर का एक टुकड़ा अलग कैसे हो सकता है? और हां मैं ऐसा कभी नहीं कहूंगी कि तुम डोली बैठकर जिस घर गई वहीं से अर्थी उठे!! कभी नहीं किसी भी बुरे समय में जब तुम पुकारोगी मुझे साथ पाओगी। तुममें मेरा बीता कल दिखता है। मैं शायद अपना जीवन अपने तरीके से ना जी सकी,पर तुम जरूर जीना, क्योंकि तुम्हे खुश देखकर मैं खुश हो जाऊंगी और समझूंगी मैने अपने सपने जी लिए। मेरी रानी बिटिया तुम्हारा जीवन फूलों सा महकता रहे।
By Anita Singh

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