इज़हार-ए-प्यार
Updated: Dec 1, 2022
By Nidhi Gupta
लगता है क्यों ऐसा मुझको, कि मुझे प्यार हो गया है,
खत्म इस बेचैन दिल का, इंतज़ार हो गया है,
देखे थे इस पागल दिल ने, जिसके सपने खुली आँखों से कभी,
आज उन्ही सपनों का, दीदार हो गया है,
उनकी अदा, उनकी नज़रें, और उनकी वो मुस्कराहट,
मेरा तो दीवाना दिल, मोहब्बत का बीमार हो गया है,
करते हैं वो भी प्यार हमें, याद करते हैं सौ-सौ बार हमें,
लगता है अब खुदा भी हम पे, मेहरबान हो गया है,
हाँ, हमको उनसे और उनको हमसे,
प्यार हो गया है, प्यार हो गया है|
By Nidhi Gupta

Comments