इश्क वाली मोहब्बत
Updated: Dec 7, 2022
By Dixit Tarun Shah
कभी देखा है?
महबूब अपनी महबूबा को लेकर
होठों पर हसी,
आँखों में नमी,
धड़कने तेज़,
और सांसें बिलकुल सेहमी हुई।
हाल बेहाल,
पर चेहरे पर मुस्कान बरकरार।
लेकर हाथों में हाथ,
ले आया किसी और के पास।
किसी और मोड पर,
किसी और मंज़िल पर,
उसकी ज़िंदगी सवार कर,
किसी और की खुश किस्मत बनाकर,
चंद शब्दो से बधाइयां देकर...
चला गया फिर वही,
अपनी उस ज़िंदगी में,
उसकी यादों के संग...
शायद यही है,
इश्क वाली मोहब्बत!
इश्क वाली मोहब्बत!
By Dixit Tarun Shah

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