इन्द्रधनुष
By Anil Kumar
एक छोटी बच्ची ने चिल्लाकर मुझसे कहा
कि बाहर इंद्रधनुष निकला है
तुम इस तरह घर में बैठे मत रहो
कि बाहर आकाश बहुत बड़ा निकला है
तुम घर में बैठे मत रहो
बाहर निकलने की हड़बड़ी में मुझ बूढ़े की
ऐनक गिर गईं है
झुक कर उसे उठाने गया तो
कमर मेरी दुख गई है
फिर भी कोशिश कर रहा हूं
किसी तरह उठने की,चलने की,बाहर निकलने की
बाहर निकलकर देखा तो
सचमुच उस लड़की का आकाश बहुत बड़ा है
की कैसे वो लड़की आकाश और इन्द्रधनुष एक कर रही है
इन्द्रधनुष में सात रंग भर रही है।
By Anil Kumar

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