इत्मिनान-ए-रूह
Updated: Dec 2, 2022
By Nidhi Gupta
रात की गहराईयाँ, अंधेरों में ज्यों सिमटती गईं,
तुमसे मोहब्बत करके मैं, गम-ए-तकदीर लिखती गई,
इश्क, मोहब्बत और प्यार ने अधूरे लफ्ज़ संजोए हैं,
और मैं इन्ही लफ़्ज़ों में, इत्मिनान-ए-रूह खोजती गई |
By Nidhi Gupta

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