इंसाफ का बाज़ार
By Vandita Kumari
आज पूरे देश में समाचार छपवाते हैं
“ बलात्कारियों को फांसी दो” का नारा लगाते हैं
सोशल मीडिया पर समाचार का अंबार लगाते हैं..
इंसाफ के लिए गुहार बार बार लगाते हैं
यकीन मानें ये दो दिन का बाज़ार लगाते हैं
कल फिर यही होगा ये एहसास कराते हैं.
लड़कियां देश की इज्जत है सबको खूब बताते हैं.
कल उन पर हाथ डालने से ज़रा भी नहीं कतराते हैं
आज सबको समानता का पाठ पढ़ाते हैं..
कल खुद भेदभाव के राग दोहराते हैं
बेटी बचओ अभियान चलाते हैं
राह चलती बेटियों को ‘माल’ बुलाते हैं
फेसबुक पर “सूरत नहीं सीरत” का पोस्ट लगाते हैं
और लड़की की शारीरिक बनावट का मजाक बनाते हैं
दर्द पर दिखावे का मरहम बार बार लगाते हैं
यकीन माने ये दो दिन का बाज़ार लगाते हैं
By Vandita Kumari

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