इंतज़ार का वक़्त
Updated: Jun 9, 2023
By Nitika Soin
जब भी तेरी यादों से दिल को बहलाया है,
दर्द के और क़रीब खुद को पाया है।
इंतज़ार का वक़्त बड़ा अज़ीयत भरा निकला,
जितना चुका दिया उतना और बकाया है।
तू मुझे भूल जाने का डरावा न दे,
तेरा इश्क़ तेरे चहरे से नुमाया है।
कुछ अलग ही हिसाब होता है मोहब्बत में,
लूट कर जाने वाला फिर लौट कर आया है।
कभी कम नहीं होती खैरात से तकलीफ किसी की,
बारिशों ने अक्सर सहरा को और जलाया है।
By Nitika Soin

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