आसमां में उड़ते पंछी
By Ritu Jain
आसमां में उड़ते ये पंछी भी हताश तो होते होंगे!
दाना पानी ना मिलने पर,
अपने आशियाने में निराश हो, लौट आते होंगे।।।
पर क्या ये भी ज़िंदगी से हार,
अपने घोंसलों से छलांग लगाते होंगे?
इनके दर्द की वजह किसी और को ही बताते होंगे?
क्या ये भी जताते होंगे हक अपनों पर इस कदर,
कि उनके लिए ना दिखने वाली कोई कैद बनाते होंगे?
क्या ये भी करते होंगे दिलों से खिलवाड़,
फिर खुद को तकदीर का खिलौना दिखाते होंगे?
क्या सोचते होंगे ये भी हम इंन्सानो की तरह,
क्या आसमां में उड़ते पंछी भी हताश होते होंगे?
By Ritu Jain

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