आरक्षण तो है जरूरी
By Veena Agrawal
आरक्षण तो है जरूरी,
मापदण्ड अलग बनाना होगा।
आरक्षण न हो ओहदे का,
सजा जुर्म की मानक हो।
आरक्षण ना हो जातिगत,
शिक्षा हुनर की मानक हो।
देश हमारा जातिभेद का नहीं समर्थक,
आरक्षण क्यों जातिगत होता है।
देश सुसज्जित रत्नों की खान से,
मुफलिसी में दबा रह जाता है।
हर कण में रत्न छुपा,
फिर क्यों निखर नहीं पाता है।
सामर्थ्यवान को कैसा रक्षण,
हुनर मानक हो जन जन का।
आरक्षण उन परिवारों को मिले,
जिनका चिराग शहीद हुआ।
हर हुनर मंद जन को,
उसका हक दिलाना होगा।
नई दिशा में नया कदम बढ़ाना होगा|
नए भारत का नया नियम बनाना होगा।
आरक्षण का अलग मापदण्ड बनाना होगा।।
By Veena Agrawal

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