आधी_बात
By Dr. Shahina Praveen
ऐसा आलम क्यों होता है
सब कुछ कैसे बदल जाता है
संग जिस के डर न लगता था
अब कुछ कहने से डर लगता है।
उसे कोई समझ नहीं पाता है
समझौते की सलाह दे जाता है
क़िस्मत की भी देते हैं दुहाई
चौखट लाँघे तो कर दें पराई।
समझौता कर कर थक है जाती
आजिज़ आ गले में फंदा पहनती
आसमान टूटता देख हाल बेटी का
सब कहते 'हम से क्यों कुछ कहा ना'!
उसे कहना होता है बहुत कुछ
पर कह रूक जाती आधी बात
कभी हिम्मत से सब कह डाले
वो समझ सके सिर्फ आधी बात।
By Dr. Shahina Praveen

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