आज भी है
By Smita Mahto
उस बंद दरवाज़े के खुलने की उम्मीद मुझे आज भी है
उसके पायल की छनक मेरे कानों में आज भी है
उसके झुमकों की चमक से मेरे होंठों की हँसी आज भी है
उसके काजल भरी निगाहों से घायल मेरा दिल आज भी है
उसके चेहरे का वो तिल मेरे दिल की धड़कन आज भी है
उसके सुर्ख गालों में मेरी खुशबू आज भी है
उसके माथे की बिंदी में मेरा नाम आज भी है
उसकी होंठों की मुस्कान का मुंतज़िर कोई आज भी है
उसके दिल में दस्तक मेरी आज भी है
उस बंद दरवाजे के खुलने की उम्मीद मुझे आज भी है।
By Smita Mahto

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