आज की आज देखते है. . . !
By Ms. Mule Swarupa Deepak
आज की आज देखते है. . कल की कल पर छोड़ दो।
बिता कल लौट कर नही आएगा. . उससे फर्याद करना छोड़ दो ।
दिन के सपनों में क्या खोना. . सपनें तो रात का गहना है।
रात गई सपनें खत्म. . दिन में उनको हकीकत बनाना है।
डरो मत दुनिया वालों से. .तुम भी इसी का हिस्सा हो ।
तुम इतने काबिल बनो. .तुम्हारी काबिलीयत दुनिया के लिए किस्सा हो।
वो करो जो दिल चाहे. . बस उस मे कुछ गैर ना हो ।
लड़ो सारे जमाने से. .फिर भी दुनिया तुम्हारी बैर ना हो ।
जिओ जिंदगीभर जी भर के . .इस में कुछ भी हर्ज नहीं ।
अदा करो हर कर्ज अपना. .बाकी ना रहे फर्ज भी कोई ।
By Ms. Mule Swarupa Deepak

Comments