आखिर कौन हैं कृष्ण ?
By Nirupama Bissa
वो,
संसार का पालनकर्ता है जो
या वो ,
माखन भी चुराकर खाता है जो ।
वो,
तर्जनी पर गिरिराज उठाता है जो
या वो,
बांसुरी भी दो हाथों में उठाता है जो।
वो,
द्वारिकाधीश कहलाता है जो
या वो,
वन में गैया चराता है जो।
वो,
गोपियों के वस्त्र चुराता है जो
या वो,
द्रौपदी की लाज बचाता है जो।
वो,
माटी खाता है जो
या वो,
मुख में ब्रह्मांड दिखाता है जो।
वो,
संसार को प्रेम का पाठ पढ़ाता है जो
या वो,
गीता का ज्ञान सुनाता है जो।
वो,
अगाध प्रेम को भी अपना नहीं पाता है जो
या वो,
हजारों राजकुमारियों का वरण कर आता है जो।
वो,
सुदामा के पैर अश्रु धारा से धोता है जो
या वो
संसार के पापियों पर सुदर्शन चलाता है जो।
वो
मृदु मुस्कान से मोह जाता है जो
या वो,
मोहिनी बन कर भस्मासुर को जलाता है जो।
वो,
दुख सुख को समान बतलाता है जो
या वो
गोकुल छूटने पर व्याकुल हो जाता है जो।
जिसने जिस भाव से देखा
वैसे नजर आता है वो ।
आखिर कौन हैं कृष्ण ?
हम तुम यूं ही विवाद करते हैं
वो देखो
मुस्कुराते हुए
आज भी
मौन हैं कृष्ण ।
By Nirupama Bissa

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