आंखें
By Vidhi Sharma
कहते है आंखें दिल का झरोखा होती है
यह वो सब दिखाती है जो हमारे दिल में होती है ,
इन्हे बंद करो तो सपने दिखाती है
खोलो तो सच्चाई बताती है ,
रात होते होते नम हो जाती है
न जाने कितने गम छुपाती है,
कभी खुशी मै चमकती है
कभी मायूस हो कर झुकती है ,
कभी सब कुछ कह जाती है
कभी एकदम चुप हो जाती है ,
कभी कोई एक आंख नही भाता है
कभी कोई बहुत पसंद आ जाता है ,
समझ नही आता ये चाहती क्या है
क्यू ही हर पल दिखाती गलत राह है ,
जैसा होता है उसको मानती नही
खुद से कुछ भी जानती नही ,
फिर भी कहते है की आंखे सब कहती है
अरे ये कहती नही सब कुछ सहती है ,
जब तक खुली है हर पल नया मंजर है
जिस दिन बंद हो जाएगी उस दिन सब चीज बंजर है ।
By Vidhi Sharma

Comments