आँखों की दास्तान
By Prachee Ramlal Oswal
आँखो ही आँखों में ये क्या हो गया
देखते ही देखते हमें प्यार हो गया
तुम आगे बढ़ो हम पिछे आयेंगे
डरना मत हम साथ निभाएंगे
आँखो ही आँखों में ये क्या हो गया
देखते ही देखते हमें प्यार हो गया
आज कल सपनों में तुम आते हो
आके हमें क्यों इतना सताते हो
तेरी यादों में हम राहे तकते रहेंगे
तू आना जरूर यही जपते रहेंगे
आँखो ही आँखों में ये क्या हो गया
देखते ही देखते हमें प्यार हो गया
चलते चलो मंजिल की तलाश में
यहा आना जरूर चांदनी रात में
गजब का ये आशियाना है
हर दर्द हमें मिटाना है
आँखो ही आँखों में ये क्या हो गया
देखते ही देखते हमें प्यार हो गया
By Prachee Ramlal Oswal

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