आँख मिचौली करता जीवन
Updated: May 31, 2023
By Nalani Choudhari
आँख मिचोली करते करते
बीत रहा है जीवन.. !!
कभी जलती मशाल सीने में
कभी अँधियारे को,सींच रहा है जीवन..
शीशा मैला धूल से
बिंब से चमक रहा है जीवन..
कभी समय के तेजस से
चौंधिया रहा है जीवन..
कैद हुआ खुद हथकड़ियों में
मुक्ति ढूँढ रहा है जीवन..
न पढ़ पाया लेखी के लेख
कागज़ बन गया है जीवन..
इच्छाओं ने बाँधा ऐसे
मधुकर बन गया है जीवन..
वाणी नहीं वीणा जैसी
अहं से तप रहा है जीवन..
आँख मिचोली करते करते
बीतरहाहैजीवन..!!
By Nalani Choudhari

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