असाढ़ रात्रि का प्रेम
Updated: Dec 2, 2022
By Bhanupriya
असाढ़ मास में कृष्ण पक्ष की
एकम का चाँद हथेली पर रख
तारों के बीच कहीं
जोन्ह रात्रि के स्पश्ट आकाश में
तुम्हारे नाम की एक कविता रचनी है
कहीं दूर बैठे तुम जब उसे पढ़ो
हल्का सा बस मुस्कुरा देना
सौदे में उस कृति के बदले
एक मुट्ठी सावन बस दे जाना..
आसाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की
उस रात से सुंदर
फिर क्या होगा..।
By Bhanupriya

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