अमृत काल
By Anubha Sinha
अनंत बधाईयां तुम्हें, देश मेरे
जो तुम, अमृत काल के चौखट तक पहुंचे
विश्व का मार्गदर्शन करते हुए
हज़ारों स्वर्णिम इतिहास बनाए
वेद, रामायण, महाभारत, त्रिपिटक, कुरान का ज्ञान
इस संसार को करवाता अमृतपान
बुद्ध, महावीर, विवेकानंद, महात्मा गांधी
जैसे, जगत पुरुष है तेरे पास
श्रेष्ठ हिमालय, पवित्र गंगा
तेरी धरा, यमुना, कृष्णा, कावेरी, गोदावरी
जैसे, अनेक पावन नदियों के स्वच्छ जल से भरा
तो इतनी प्यारी मातृभूमि है जहां
नदियां, पर्वत और पेड़ भी पूजे जाते हैं
तमिल, तेलुगु, कन्नड़, उड़िया
अनेक भाषा, अनंत बोलियां
तेरे जन के होठों पर है बसता
अशोक, अकबर का राज प्रभाव
शासन को देता नया आयाम
किन-किन बातों का गुण-गान करूं मैं
तेरी हर ज़र्रे-ज़र्रे में बसी, अनंत अमृत कहानियां
अब तक का सफर रहा तुम्हारा शानदार
यूं ही युगों-युगों तक tu karta रहे विश्व को प्रकाशमान
By Anubha Sinha

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