अभी तो मैं जिंदा हूं
Updated: Dec 3, 2022
By Sejal Parsana
अभी तो में जिंदा हूं, हार कैसे मान लूं?
अभी तो आंखे खुली हे, मरना कैसे जान लूं?
खुदा ने अभी सांसे बाकी रखी हे मेरी,
हिम्मत बिना जीकर उसे शर्मिंदा कैसे बना दू?
जो तमन्ना, सपने, मोहब्बत और ख्वाहिशें
लेकर में यहां पर आई हूं,
बगैर उसे जिए अलविदा कैसे कह दू?
अभी जिंदगी जीनी बाकी है।
माना मेरे दामन में कांटे बहोत थे,
माना मेरे दामन में कांटे बहोत थे
गुलाबों के आने पर इनकार कैसे कर दू?
माना के जिंदगी उतार-चढ़ाव से ही बनती है,
मैं ऊपर चढ़ने की खुशी पे मुस्कुराना कैसे छोड़ दूं?
बहोत मेहनत करी है यहां पहुंचने मे मैंने
बहोत मेहनत करी है यहां पहुंचने मे मैंने
अब खुदा मेरी रजा पूछे तो मुकर कैसे जाऊ?
अभी तो में जिंदा हूं, हार कैसे मान लूं?
अभी तो में जिंदा हूं, हार कैसे मान लूं?
By Sejal Parsana

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