अब ये सोचा है
By Nazia Bano
अब ये सोचा है ऐतराफ़ से मुकर जायेंगे , काम मुश्किल तो है मगर कर जायेंगे
सच है की हर रोज़ मिलने की दुआ की हमने , अब आ भी जाओ तो खामोश गुज़र जायेंगे,
अब ये सोचा है ऐतराफ़ से मुकर जायेंगे ….
बहुत अब हो चूका ये जज़्बात का रोना धोना, छोड़ दो जाने दो तुमसे अब कुछ नहीं होना
गलत था भी जो हर ख़ुशी तुम में ढूंढी, बिगड़ गए थे काफी पर अब सुधर जायेंगे
अब ये सोचा है ऐतराफ़ से मुकर जायेंगे…
ये मोहब्बत है जो इज़हार से कम होती है, बेखबर तुम रहे आँख मेरी नाम होती है
अब नहीं मांगेंगे तुमसे कोई एक भी लम्हा, दिल पे जो भी गुज़रे भले शिद्दते ग़म से मर जायेंगे
अब ये सोचा है ऐतराफ़ से मुकर जायेंगे ….
इरादा कर लिया है अब इसे पूरा भी करना है, बहुत नज़दीक था जो उसे अब दूर करना है
सुनो तुम भी अब कभी आवाज़ मत देना, जो हैं खामोश अब उन्हें तुम साज़ मत देना
पलट कर देखना फितरत में मेरी शामिल तो नहीं है , पुकारा तुमने अगर फिर भी तो ठहर जायेंगे
अब ये सोचा है ऐतराफ़ से मुकर जायेंगे….
By Nazia Bano

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