अब दूर हो जाए
By Vipul Jain
बस चाहत यह है की तेरा गुरुर चूर हो जाए ,
तेरी तारीफ कोई न करे ऐसा तेरा नूर हो जाए ,
यह अफवाह सारे शहर में भरपूर हो जाए ,
की तू मेरे आगे गिड गिड़ाने को मजबूर हो जाए ।
तेरे शौक़ ही तेरी बर्बादी के कसूर हो जाए ,
तेरे सारे कर्म तेरे आगे हुजूर हो जाए ,
कुछ हो ना हो यह जरूर हो जाए ,
तू मेरी आंखो से दिनों दिन दूर हो जाए ।
By Vipul Jain

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