अफसरशाही की अभिलाषा
By Sakshi Singh
बात तो बस उस सम्मान की है जो बेहिसाब हर एक व्यक्ति से मिलता है,
वरना नौकरियां तो हजारों हैं करने के लिए ।
चाह तो माता पिता के उस गुरूर की है जो अपने अफसर बेटी/बेटे का परिचय देते समय दिखता है,
वरना ज़रिए तो बहुत हैं ख्याति पाने के लिए ।
By Sakshi Singh

Comments