अपार्टमेंट से
By Anil Kumar
कोयल को गाना गाते सुना है कभी
देखा है कभी
रात में जुगनुओं को चमकते हुए
मोर को नाचते हुए
पेड़ पौधों को सुना है कभी
बारिश का पानी पीते हुए
नदियों का कलकल महसुस किया कभी
उसके किनारे बैठकर
सूरज को उगते देखा कभी
अपनी बालकनी से खड़े होकर
या गर्मियों की रात में
छत पर लेटकर चांद की शीतलता महसूस
की
तारों को गिना
यह सब अगर तुमने नहीं किया तो
तो प्रेम नहीं किया तुमने।
By Anil Kumar

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