अपने अंदर झांक तू
By Vivek Chandel
अपने अंदर झांक तू
किसी से कम न ऑक तू
अपनी पहचान बना तू
अपने अंदर झांक तू
जब से तू आया है
तेरे पीछे एक साया है
तेरे आगे पूरी दुनिया है
जाने-अनजाने
तूने उसे अपनाया है
कभी न पीछे मुड़ तू
है बड़ा सुदृढ़ तू
आगे बढ़ते जाना है
सपनों को हकीकत बनाना है
है तुझमें भी हिम्मत
वो जोश
बस उन्हें पहचान तू
अपने अंदर झांक तू
किसी से कम न ऑक तू
कभी हार न मान तू
अपने अंदर झांक तू
By Vivek Chandel

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