अनोखी यारी
By Prachee Ramlal Oswal
जिंदगी की राह में
मिले पांच यार
एक समजती खुदको मोटी
दुसरे को कहते छोटी
तिसारा तो है बादशाह
चौथा है अपने ही जहां
पांचवा करता मजाक हर बार
दिल से तो पांचों भी अच्छे
दोस्ती में रहते हर टाइम सच्चे
जिंदगी की राह में
मिले पांच यार
एक करता हर टाइम डाइट है
दुसरा मीठा खाने में नायक है
तिसरे का बर्ताव कुछ समझ नहीं आता
चौथे में निंद है ज्यादा
पांचवी को तो घर जाने की जल्दी है
पांचो की ये यारी जगजाहिर है
मज़ाक करने में ये सब माहिर हैं
जिंदगी की राह में
मिले पांच यार
एक दूसरे के साथ का समय का पता नहीं चलता
ग्यारा लोगों में इनका अलग है जमता
पता नहीं कैसे बन गए ये यार
एक दसरे से अलग है पार
जिंदगी की राह में
मिले पांच यार
By Prachee Ramlal Oswal

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