अनबूझ पहेली
Updated: Aug 30, 2025
By Usha Lal वाक् पटु और कुशल मनुज थे, कहने को वे बड़े चतुर थे, यूँ ज्ञानी हर एक विषय के, पर गणना में बहुत निपुण थे! कार्य- समय की गणना करना , हानि लाभ का प्रतिशत गिनना, पलक झपकते हो जाता था, हर सवाल हल हो जाता था! लगता था अंकों के जैसे , जीवन में भी प्रश्न उठेंगे, जोड़-घटा या गुणा-भाग कर, उनके भी उत्तर दे देंगे ! किन्तु यहाँ तो बात अलग थी, समय जुड़ा तो साँसें घट गयीं! वैभव द्विगुणित करना चाहा, किन्तु विभाजित ख़ुशियाँ हो गयी! कार्य- समय , अनुपात सभी ने मनमाने से नियम चलाये, हानि , लाभ को आंके कैसे? सूत्र कोई भी काम न आये ! जीवन की किताब को पढ़ना, कहाँ बात है किसके बस की? है ऐसी अनबूझ पहेली कब किसके सुलझाये सुलझी!!
By Usha Lal

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