अनकहे अल्फाज़
By Karuna Puran
कुछ बातें अनकही ही अच्छी लगतीं हैं,
ज़ाहिर न की जाएँ तो ही महत्ता बनी रहती है,
इनकी खूबसूरती भी इसी में है कि इन्हें बोल कर न बताया जाए,
भावनाएँ जो उजागर कर दी जाएँ तो कहाँ उनमें खुशी रक्खी लगती है,
ज़ुबाँ की फ़ितरत है पलट जाना अक्सर
नज़रें चुराती है, फरेब करती है अल्फ़ाज़ कह कर
नज़रें जो पढ़ लेतीं हैं, इबारत वही पक्की लगतीं हैं
दिल को ये हुनर बख़्शा है दो जहाँ के मालिक ने
इक़रार, इज़हार और हरकत में फर्क़ कर पाना
जिसे दिल महसूस कर ले, बात वही नक्की लगती है
मन से मन का तालुक बड़ा ही पुख़्ता होता है
बिन बोले जिसमें बात समझ ली जाए, भाषा वही सच्ची लगती है,
कुछ बातें अनकही ही अच्छी लगतीं हैं।
By Karuna Puran

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