अंधकार से हमें प्रकाश की ओर ले चलो
By Veena Agrawal
घोर अंधकार से घिरे हैं हम,
अंधकार से हमें प्रकाश की ओर ले चलो।
विदेशी मोह में फंसे हैं,
स्वदेश की ओर ले चलो।
इंडिया से हमें भारत की ओर ले चलो।
पलायन से अपनी मातृभूमि की ओर ले चलो।
मैं के मद में है चूर हम,
गगन से वसुधा की ओर ले चलो।
आडंबर की लीक से हटकर,
अधर्म से धर्म की ओर ले चलो।
अपने पूर्वजों के सपने, त्याग और संघर्ष,
न भूलने की ओर ले चलो।
नफरत की जंजीरो में जकड़े हैं हम,
घृणा से स्नेह की ओर ले चलो।
निराशा से आशा की ओर ले चलो।
अज्ञानता से ज्ञान की ओर ले चलो।
बाह्य से अंतर की ओर ले चलो।
आवरण से प्रकृति की ओर ले चलो।
असत्य से सत्य की ओर ले चलो।
हे चलायमान,
आज हमें अंधकार से उजाले की ओर ले चलो।।
By Veena Agrawal

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