Zruri Tha Kya
By Kavitaab
महफ़िल में भरे जाम को
ऊछालना ज़रूरी था क्या ?
गरम था खून पहले से ही, उसे
ऊबालना, ज़रूरी था क्या ?
सांप को दूध पीलाया तो पीलाया |
लेकिन उसे, पालना ज़रूरी था क्या ?
जिस बात से पता था के
दुखेगा दिल सबका,
उसी बात को मुँह से
निकालना ज़रूरी था क्या ?
जिसके जाने का अनुमान
पहले से ही लगाकर बैठे थे,
उसे जान से भी ज़्यादा
सम्भालना ज़रूरी था क्या ?
By Kavitaab

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