Zindagi Kuch Zyada Maang Liya
By Esha Arora
ए ज़िन्दगी थोड़ा ज़्यादा मांग लिया मैंने
थोड़ा वक़्त ही तो मांगा था ,
शायद कुछ ज्यादा मांग लिया मैंने।।
प्यार ही तो मांगा था ,
तुम्हारा साथ ही तो मांगा था,
शायद कुछ ज़्यादा मांग लिया मैंने।।
सम्मान ही तो मांगा था ,
अपनो के दिल में थोड़ी जगह ही तो मांगी थी ,
शायद कुछ ज़्यादा मांग लिया मैंने।।
बस इतनी ही ख्वाहिशें थी,
बस यही मेरी खुशियां थी,
पर लगता है, शायद कुछ ज़्यादा मांग लिया मैंने।।
इन्हीं खुशियों ,इन्हीं लम्हों की तलाश में भागते-भागते खुद को खो दिया मैंने।।
अब लगता है , चंद खुशियों क लिए बहुत बड़ी कीमत चुका दी मैंने,
शायद कुछ ज्यादा मांग लिया मैंने,
शायद कुछ ज्यादा मांग लिया मैंने ।।
By Esha Arora

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