Zindagi Aur Waqt
By Kamini Kejriwal
मांगने जो बैठे हिसाब वक्त से
लम्हो का हम
कहने लगा हंसकर वो मुझसे,
क्या-क्या चीज का हिसाब कर
पायेगी तू मुझसे,
" क्योंकि "
एक -एक हिसाब में ही तो,
एक लम्हा और निकल जाएगा ,
और
फिर तेरे खाते में बीते पलों का
एक शिकवा और जुड़ जाएगा
By Kamini Kejriwal

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