Umeed
By Ishaan Arya
नहीं तू रुका , है बस तू थका , चलाचल जब तक जान है जब तक है उम्मीद बाकि,
कि चट्टानों से टकरा कर नदियां नहीं हैं लौट जाती ।
लकीरें बदलेंगी इन हाथों की .. जब जब तू पाँव बढ़ाएगा,
तेरी हिम्मत के आगे इक दिन भाग्य भी झुक जाएगा,
कर तू वादा खुद से कि .. हौंसला ये कम नहीं होगा ,
इन किस्मत सी सोई रातों से वो दिन यहीं होगा ।
तू देखता जा बस देखता जा ..वो खास दिन तेरा यहीं होगा ।।
By Ishaan Arya

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