Udd Chal
By Nausheen Sayyed
उड चल, उड चल ।
उड चल, उड चल ।
गफलत को छोड, हो जा बेदार ।
गर करने है तुझको, अपने सपने साकार ।
पंख पसार, चल हो जा तैयार ।
जमाने को अब, तू ठोकर मार ।
उड चल, उड चल ।
अब उड चल, उड चल ।
निरंतरता में है, कछुए की जीत का राज ।
दिखा दे अब तू भी, जहां को तेरी परवाज ।
होता है जो कोई, तो होता रहे नाराज ।
बस सुन तू अब अपने दिल की आवाज ।
उड चल, उड चल ।
अब उड चल, उड चल ।
रूकना न अब, तू दिखा कोई कमाल ।
न कोई कमी तुझमें, हुनर से तू मालामाल ।
सब को कर दे दंग, तू डाल वो धमाल ।
कर आसमान में छेद, कोई पत्थर उछाल ।
उड चल, उड चल ।
अब उड चल, उड चल ।
By Nausheen Sayyed

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