Titli O Titli
By Shivani Goel
तितली ओ तितली
तुम सबके मन को भाती हो |
रंग बिरंगी हो चमकती हो,
फूल-फूल फुदकती हो ||
सब के मन को भाती हो,
हाथ किसी के न आती हो ||
हर जीव का मन ललचाती हो,
जीवन का सच दर्शात्ती हो |
भागो सुख के पीछे तो,
हाथ नहीं वो आता है |
छोड़ दे पीछे उसका तो
अपने आप चला आता है||
By Shivani Goel

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