Thandak
By Sonal Garg
वो पल जो हसीन थे कभी जिन्हें याद करके आज भी पलकें नम हो जाती है,
जिनकी एक हँसी से आज भी रूह को एक ठंडक सी मिल जाती है,
कहते थे वो कि कभी जाने ना देंगे दूर,
की हम निभायेंगे दुनिया का हर एक दस्तूर,
की तेरी पलकों में ही हमारी हर एक सुबह होगी
और तेरे आँचल में ही हर एक शाम गुजरेगी,
पर क्या पता था कि दुनिया के दस्तूर के नाम पे
हमें बेदख़ल कर देंगे आप अपने साये से,
हम आज भी अपनी सुबह और शाम पे आपका नाम लिखते है ,
बेवफ़ाई आपने की है वफ़ा के नाम पर
हम आज भी अपना नाम आपके नाम के साथ लिखते है,
हम आज भी हर साँस में तेरा नाम लेते है,
हम रहें ना रहें कल, हमारी हर दास्ताँ
हमारे प्यार का बयान करेगी,
वो पल जो हसीन थे कभी आपकी पलकों को भी नम कर जाएगी,
जो भूल गए थे आप हमारी हस्ती
हमारी भी हँसी आपको ठंडक दे जाएगी|
By Sonal Garg

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