Teri Yaad
Updated: May 30, 2023
By Sagar Awasthi
हां तेरी याद में मैं रात भर रोना चाहता हूं ।
अपने ख्वाबों में तेरी मौजूदगी के मोती पिरोना चाहता हूं ।
तेरे बगैर बीते अपने हर लम्हे को खोना चाहता हूं ।
हां तेरी याद में मैं रात भर रोना चाहता हूं ।।
तेरी गोद में सर रख कर सहर तक सोना चाहता हूं ।
मेरी फिक्र में बहाए तेरे आंसुओं से अपनी कमीज़ को भिगोना चाहता हूं ।
हां तेरी याद में मैं रात भर रोना चाहता हूं ।।
उम्र भर तेरे इंतज़ार में अपने प्यार के जहाज़ को डुबोना चाहता हूं ।
तेरी पुरानी तस्वीरों को आंखों में कैद कर पलके भिगोना चाहता हूं ।
हां तेरी याद में मैं रात भर रोना चाहता हूं ।।
हर रोज़ ना-उमींदी में अपनी उम्मीद को खोना चाहता हूं ।
इस कदर मैं तुझमें डूबा हूं कि बस तुझमें ही गुम होना चाहता हूं ।
हां तेरी याद में मैं रात भर रोना चाहता हूं ।।
By Sagar Awasthi

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