Tanhai
By Aashish Shrivastava
तुम्हें ही अपना माना तुमसे ही जिंदगी हर बात कही है
दुःख बताऊं अपना तुम्हारे सिवा ऐसा कोई और नहीं है
उस शख्स को देखा है आज मैंने कई सालों के बाद
लेकिन उसकी बातें उसकी जज़्बात और अंदाज वही है
कभी ग़म की अंधेरी रात है तो कभी सुख का उजाला
समझें इन पहलू को उनके लिए हर परिस्थिति सही हैं
By Aashish Shrivastava

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